Wednesday, 7 December 2022

मैं कब मरूंगा? गूगल तुम कब मरोगे? गूगल हम कब मरेंगे? ?मैं कब मरूंगा गूगल ? Me kab marunga?google mein kab marne wala hun

मस्कार दोस्तों आप सभी को स्वागत है आज का इस New Post  के साथ जिसका title हैै।गूगल हम कब मरेंगे।गूगल तुम कब मरोगे।गूगल असिस्टेंट तुम कब मरोगेे। दोस्तो अगर आप भी जानना चाहते हों की हम कब मरने वाले है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े

मैं कब मरूंगा? गूगल तुम कब मरोगे? गूगल हम कब मरेंगे? ?मैं कब मरूंगा गूगल ? Me kab marunga?google mein kab marne wala hun

मैं कब मरूंगा? गूगल तुम कब मरोगे? गूगल हम कब मरेंगे? ?मैं कब मरूंगा गूगल ? Me kab marunga?google mein kab marne wala hun  

आप यह सब भी पढ़े




दोस्तो आज के इस  इंटरनेट के दुनिया में बहुत से । ऐसे लोग है जो Google assistant से सवाल पूछते है की गुगल में कब मरूंगा  

लेकिन क्यू पूछते है लोग  आज हम इस पोस्ट में बात करने वाले है तो अगर आपका भीं मन यह होगा की हम कब मारने वाले तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े ताकी अपको पूरी जानकारी मिल सके    


बहुत से लोग ऐसे होते है जो बहुत दिन से बीमार होते है
यो अपने जिंदगी से परिसान होकर । आखिर कर यो आपने मरने के लिए इंतजार करते है । तभी यो गूगल पे search करते है ।की हम कब मारने वाले है गुगल  तो गूगल वाला ने तुरंत इसका सोलोसन निकल कर रख देते है ।। की यह देखो ।

में कब मरूंगा ? मैं कब मरूंगा गूगल ? Me kab marunga

Agar aap देख ना चाहते है तो इस लिंक पे क्लिक कर के देख सकते है की आप कब मारने वाले है ।इस वेबसाइट को इसी लिए बनाया है की पब्लिक अपने मृत्यु को तारिक जान सके । अगर आप भी जानना चाहते हैं तो इस लिंक को क्लिक कर के देख सकते है ।

  यह भी पढे

मृत्यु के समय कितना दर्द होता है?

इंसान की मृत्यु क्यू होती है?

मरने के आत्मा का क्या होता है ?

पूर्ण जन्म क्यों होता है ? 

 बहुत से लोगो ऐसे भी होते  है जो । यो अपने लाइफ से परीसान होते है  । जेसे की दोस्तो बहुत से लोग कर्ज ले रखे है ।और यो कर्ज को  वापस लौटाने का छमता नही हो।और जिस कर्ज दर ने कर्ज दिया होता यो  बार बार आपके घर के पास आके परिसान कर रहा होता है की मेरा कर्ज मुझे वापस कर दी लेकिन उस कर्ज को लौटाने का छमता नही होता है  ।और   बार बार गलियां दे रहा होतो उस कर्ज दार ने 
बार बार उस गलियां को सुनकर उस कर्जदार के मन में कुछ करने का विचार आता है।।

जो आदमी को मरने से मजबूर कर देते है । और उस आदमी मारने  के तरीके ढूंढते रहते है।। जो की google assistant se  puchte hai की गुगल में कब मरूंगा ।

तो google assistant kuch  webside open kar dete  hai।।


दोस्तो  आप अपने मरने का तारिक देख सकते है ।
इस  वेबसाइट से इसका  नाम है https://www.death-clock.org/।।  अगर आप इस वेबसाइट को open करना चाहते है तो आप इस। लिंक को क्लीक  करे 












लेकिन इस वेबसाइट को open करने के लिए कुछ आप अपने बारे में जानकारी देना पड़ता है ।।
ओ क्या जानकारी है । 

 नीचे पढ़े 
www.death_cloth.org वेबसाइट पर जाने के बाद आपसे कुछ detail लेते है जो आपको अपने बारे में देना पड़ता है यो क्या ।

  1. Date of birth  यानी की आपका जन्म दिन कोन सा है 
  2. Male / female  यानी की आप क्या है male आ female
  1. Bmi number ये नम्बर आपको नही पता है तो सबसे निचे जा कर bmi number पता कर सकते है । को आपको  नीचे के योपसेन पे जाना होगा 
  2. Outlook
  3. Alcohol Consumption 
  4. Country India



आप अपना पूरा जानकारी भरने के बाद सबमिट बटन की क्लिक कर के  उसके बाद आपका । मरने का तारिक निकाल आयेगा 


अगर आप ये सर्च कर रहे है कि Google me kab marunga | गूगल में कब  मरूंगा बातए तो आपको गूगल ये जानकारी जरूर दे सकता है लेकिन अगर आप यह serach कर रहे की  गूगल तुम करोगें इसका जानकारी आपको नही मिल सकता ।क्योंकि गुगल कभीं नही मर सकता

निचे यह भी पढ़े।

 इंसान की मृत्यु क्यू होती है ।

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मृत्यु के समय कितना दर्द होता है?

इंसान की मृत्यु क्यू होती है?

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पूर्ण जन्म क्यों होता है ? 


मस्कार दोस्तों आप सभी को स्वागत है आज का इस New Post  के साथ जिसका title हैै।इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं? मृत्यु कैसे होती है जानें! - Mrityu kaisi or kyo hoti hai ।हम क्यों मरते हैं? मृत्यु क्यों होती है?हम मरते क्यों है। यह सब जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़े
इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं? मृत्यु कैसे होती है जानें! - Mrityu kaisi or kyo hoti hai ।हम क्यों मरते हैं? मृत्यु क्यों होती है?हम मरते क्यों है। insan ki mrityu kab hoti hai

इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं? मृत्यु कैसे होती है जानें! - Mrityu kaisi or kyo hoti hai ।हम क्यों मरते हैं? मृत्यु क्यों होती है?हम मरते क्यों है। insan ki mrityu kab hoti hai 


इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं? मृत्यु कैसे होती है जानें! - Mrityu kaisi or kyo hoti hai ।हम क्यों मरते हैं? मृत्यु क्यों होती है?हम मरते क

दोस्तो आप चाहे आप भगवान पर विश्वास रखते हो या ना रखते हो  साइंस में   यकीन करते हो या ना करते हो। लेकिन एक बात तो सबके लिए सच है मृत्यु जो पैदा हुआ है वह। एक दिन मरेगा भी यह  हम सब जानते हैं


यह भी पढ़ें।

hum kab marne wale hai

, लेकिन आखिर हम मरते क्यों हैं। हम यहां रोड एक्सीडेंट सुसाइड या मर्डर की बात नहीं कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं बूढ़े  होकर मरने की। 


मरना कौन चाहता है लेकिन एक दिन हम मरते ही हैं। 


प्रकृति का यह नियम है। अगर हम नहीं मरेंगे तो सोचे क्या होगा अगर प्राकृतिक रूप से इंसान ना मरे तो कुछ दशकों में आबादी का ऐसा विस्फोट होगा जो किसी ने नहीं देखा होगा। 


हर तरफ इंसान  ही इंसान नजर आएंगे लेकिन जोकि धरती का आकार भी सीमित है और प्राकृतिक संसाधनों का भी तो धीरे-धीरे कंपीटिसन भी बढ़ता जाए गा और 1 दिन ऐसा भी आएगा। जब खाने के लिए इंसान एक दूसरे को मारना शुरू कर देगा है। प्राकृतिक रूप से ना सही, लेकिन फिर भी मौतें होंगी ही,



दोस्तो आप एक बात हमेशा याद रखिएगा पूरा ब्रह्मांड एक संतुलन से चलता है और इसी संतुलन की वजह से जीवन चलता है। दिन रात गर्मी सर्दी जीना मरना सब इसी संतुलन का हिस्सा है। प्रकृति में हर चीज एक दूसरे पर निर्भर है और अगर हमें संतुलन। 


छेड़छाड़ करते हैं तो अपने लिए समस्याएं खड़ी करते हैं। जंगल के नियम अलग है और इंसानों के अलग फूड चेन में जो जानवर सबसे ऊपर है, उन्हें छोड़कर कम ही जानवर बूढ़े  होकर मरते हैं। पर जो कि इंसान अपनी बुद्धि के विकास की वजह से उस खतरे से दूर है तो इंसान के मरने के रास्ते भी अलग है। हम अगर किसी भी हादसे का शिकार होने से बचे रहे तो भी 1 दिन समय का पहिया हमें उस पड़ाव पर ला खड़ा करता है जब हमारे। शारीर सेल्स का नवीनीकरण नहीं हो पाता वह दिल जो जमाने में अपने प्रेमी या प्रेमका को धड़कता था आब लड़खड़ाने लगता है ।


दीवारों से छलांग लगाने वाले  

और मैदानों में चीते जेसी टांगे वाले  जवाब देने लगती है। दिमाग भूल नहीं लगता है। आंखें तो लेपन का शिकार होती है। वह कान जो एक आहट पर चौंकाने हो जाते थे। अब कोई प्रतिक्रिया नहीं करते। उसे भी धीरे-धीरे बीमारियों का घर इसलिए भी बनता जाता है क्योंकि उससे लड़ने की क्षमता खत्म होते जाते है और 




हां यही शुरुआत होते है। इंसान के फना होने की हमारे शरीर में तकरीबन 37 ट्रिलियन सेल्स होते हैं। यही सब दिमाग चमड़ी मसल्स लीवर सब कुछ बनाते हैं। यहीं सेल्स जीवन का आधार भी है। यह सेल्स भोजन से न्यू ट्रेंस लेने में क्यूट यानर्जी में बदलने में मदद भी करते हैं। 


सेल्स वंशानुगत चीजें भी होती है और वह अपनी कॉपी भी बना सकते हैं। हमारे शरीर के करोड़ों सेल्स  अपना काम करने के बाद मरते हैं। और न्यू  सेल्स के लिए रास्ता बनाते हैं हमारे सेल्स अपनी कॉपी बनाना जीवन भर चलता रहता है।



 एक सेल के कॉपी होने पर टेलीमोर  नामक डीएनए का कैप भी छोटा होता जाता है। अहि टेलीकॉर  हमारे डीएनए में इंफॉर्मेशन को बचाने में सहायक होता है। हर बार सेल की कॉपी होने से पहले टेलीमॉर  एक समय में अपना काम करने के लिए काफी छोटा रह जाता है जिसके परिणाम स्वरुप सेल्स बूढ़े होने लगते हैं और ठीक से काम नहीं कर पाते हैं। सेल्स का बूढ़ा होना ही हमारे बूढ़े होने की भी निशानी है और एक समय जब यह बिल्कुल काम करना बंद कर देते हैं तो हमारी मृत्यु हो जाती है। 


मेथी अमर तो नहीं हो सकता, लेकिन प्रकृति इतनी बेरहमी नहीं होती। वह हमारे बच्चों में हमारे डीएनए ट्रांसफर करती है और बच्चों के बच्चों में उनके ऐसा करके हम एक तरह इनडायरेक्ट रूप से अमर भी हो जाते हैं और प्रकृति में संतुलन भी बना रहता है ।।।





इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं?  मृत्यु कैसे होती है जानें! -Why do humans die? Learn how death happens! । मृत्यु से सबंधित कुछ प्रसं है।



अक्सर आप लोगों ने देखा होगा, किसी का एक्सीडेंट हो जाता है और उसकी मृत्यु हो जाती है। फिर  घर वाले कहते हैं कि बाहर ना  गए होते तो ऐसा ना होता। 


कोई व्यक्ति पानी में डूब कर मर जाता है तो लोग कहते हैं कि स्नान करने नदी तालाब में ना गए होते तो ऐसा ना होता । हो सकता था उसको मृत्यु  टल जाती ।



नहीं मेरे भाई  देखिए चाहे किसी का एक्सीडेंट हो जाए, या चाहे किसी की पानी मृत्यु हो जाए जहर से मृत्यु हो जाए या फिर किसी फसी लगाने से उसकी मृत्यु हो जाए । या फिर किसी एक व्यक्ति था एक व्यक्ति थाऔर भी दुर्घटना के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है तो  ऐसे आप लोग कई लोगों को कहते हुए सुना होगा । वहा ना  गए होते तो शायद ऐसा ना होता। यह बुरी घड़ी उसके ऊपर से टल जाती लेकिन दोस्तो जो  निश्चित है, वह हमारे साथ होकर रहता है। 




हम आपको बता दें कि रामचरितमानस के बालकांड में साफ साफ यह प्रसंड  लिखा हुआ है। एक उदहारण दे  । हम आपको कि एक प्रताप भानु नाम के राजा हुआ करते थे और एक बार उनके घर पर बहुत से संस्थाएं ब्राह्मणों  आएं और सभी को भोजन करा रहा था। 




लेकिन मेरे दोस्तो जो उनका रसोईया  था यानी भोजन बनाने वाले यो रोसाई एक मायावीर  राक्षस था उस मायावी राक्षस ने सभी संतो को और ब्राह्मणों को उनकी थालियों  मांस परोस दिया और संतों ने तथा ब्रावाणो  ने देखा कि हमारे थाली में मांस  तो उन्होंने राजा प्रताप भानु को श्राप दे दिया  की  तू सदा के लिए राक्षस बन जा ।।


अब राजा प्रताप भानु अपने मन में विचार करते है कि मैंने भंडारा ना कर आया होता संतो को और ब्राह्मणों को भोजन कराया होता तो आज मेरी यह दुर्गति ना होती। शायद  मेरे ऊपर से यह बुरी घड़ी टल जाती।।

वहीं राजा प्रताप भानु बाद में जाकर रावण बने। 



दोस्तो जो रामचरितमानस में लिखा है कि जो होना यो हमरे साथ या आपके साथ होकर रहता है। वह किसी भी प्रकार से टलता नहीं है। और जो नहीं होना था , वह हमारे साथ कदापि नहीं होगा। 



जिसकी मृत्यु जहा लिखी है जेसे लिखी है और जब लिखी है ।वैसे ही होकर रहती है चाहे अपने घर में बिस्तर पर या फिर किसी सड़क द्रुघटना के कारण या फिर किसी नदी तालाब के कारण ।



महाभारत में भीसम पितामा के जेसे मृत्यु लिखी थी बनो की शैय्या पर ठीक वैसे ही हुई । इसी तरह जिसकी मृत्यु जेसी भी लिखी हुई है वैसे ही निश्चित होकर ही रहता है।


इंसान की मृत्यु क्यों होती हैं? मृत्यु कैसे होती है जानें! - Mrityu kaisi or kyo hoti hai । मृत्यु से सबंधित कुछ जानकारी।


अकाल मृत्यु क्यों होती है


इस लिए हमे इस  पर शोक नहीं करना चाहिए, इसपर हमें परेशान नहीं होना चाहिए। लेकिन फिर लोग कहते हैं कि अकाल मृत्यु क्यों होती है? 


दरासल यह अकाल मृत्यु नही होते है यह निश्चित मन लीजिए की एसे हमारे साथ होना ही है 


लेकिन दोस्तों शास्त्र कहते हैं। जो सुबह  शालिग्राम भगवान का या फिर लड्डू गोपाल जी का नहाने के बाद जो पानी बचता है ना उसे चरण मृत कहते है जो  भगवान की पूजा करके उने प्रणाम करके चरना मृत पान करके अपने घर से बाहर निकलता है । उसकी कभी भी अकाल मृत्यु  नही होती है। 



अपको बता दे की अकाल मृत्यु का अर्थ ए है 

की मार गया कोई सड़क द्रुघट्ना में या पानी में डूब कर मर गया ।इसे कुछ लोग अकाल मृत्यु कहते है 



परंतु शास्त्र कहते है की यह निश्चित है आदि अकाल मृत्यु होती है तो यह बात बिलकुल सच है की आदि समय के पहले यनायश इस प्रकार की मृत्यु हो जाए ।


दोस्तों  हम आपको बता दें कि हमारे गुरु जान कहते हैं।की 80 वर्ष के पहले आदि किसी वेक्ती की मृत्यु हो जाती है तो उसे अकाल मृत्यु ही कहा जाता है ।फिर क्या करें । किसी धुंधकारी की अकाल  मृत्यु हो गई। पत्नी में  गला दबाकर मार डाला फिर वह क्या बना प्रेत बना 



जो पुन्य आत्मा वेक्ति मरते है  आप लोग स्वामी विवेकानंद को तो जानते ही हैं। उनकी मृत्यु  40 वर्ष में हुई थी जो  व्यक्ति सच्चाई के मार्ग पर चलता रहा है। अपने जीवन में हमेशा पुण्य  करता है तो आदि 20 वर्ष की होकर वह मर जाता है।यो निश्चित ही  भगवान के धर्म को जाएगा।


 परंतु जो पापी  लोग हैं। जो हमेशा अपने ज़िंदगी में गलत काम करते हैं, भगवान को नहीं मानते हैं, दूसरों पर अत्याचार करते हैं तथा अपने माता-पिता का अपमान करते हैं और किसी कारण उस पापी मनुष्य की मृत्यु हो जाती है तो निश्चित मन लीजिए की वह अपनी बाकी की जिंदगी में भटके गै अभी उनका कार्य जब तक पूरा नहीं होगा वे भटकती रहेंगे ।इसलिए मेरे दोस्तो जो उनके नाम से जितना पुण्य बन सके । पिंड दान है अर्पण है गया जी है भगवत गीता का पाट है जो आप उनके लिए कर सकते है तो आप जरूर करिएगा । ऐसा करने से उनकी आत्मा को कभी हद तक संती मिल सकते है 


आदि दोस्तो इस पोस्ट में हम कुछ गलत कह दिया होगा तो आप हमे छोटा भाई समझ कर माफ कर दे ।

मरने से पहले क्या दिखाई देता है?




किसी भी व्यक्ति के मरने के बाद उसके साथ क्या होता है?

क्या विज्ञान आत्मा को मानता है?

आत्मा को शरीर से क्या संबंध है?

क्या मृत्यु के बाद अपने प्रियजन से बात हो सकती है

मृत्यु के 47 दिन बाद?

मरने के बाद यमराज क्या सजा देता है

मृत्यु के बाद का सत्य

अकाल मृत्यु के बाद क्या होता है

मृत्यु के बाद के नियम

मृत्यु प्रमाण के बाद जीवन

मृत्यु के बाद आत्मा कहां जाती है

मरते क्यों है?

 

मरने से पहले यमराज क्या संकेत देते हैं? भारत में प्रतिदिन कितने लोगों की मृत्यु होती है?


इंसान की मृत्यु क्यों होती है इंसान की अकाल मृत्यु क्यों होती है


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