Wednesday, 2 November 2022

पूर्ण जन्म क्या है? इंसान को पूर्ण जन्म किस लिए होता है !क्या मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होता है?

मस्कार दोस्तों आप सभी को स्वागत है आज का इस टॉपिक के साथ जिसमे हमलोग जानेंगे की ।पुनर्जन्म कितने दिन में होता है?मरने के बाद दोबारा जन्म कब मिलता है?पुनर्जन्म कितने दिन में होता है?Har मनुष्य का पुनर्जन्म होता है क्या?।दोस्तो अगर आप भी जानना चाहते है तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।

पूर्ण जन्म क्या है? इंसान को पूर्ण जन्म किस लिए होता है !क्या मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होता है?

पूर्ण जन्म क्या है? इंसान को पूर्ण जन्म किस लिए होता है !क्या मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होता है?  

दोस्तों एक बच्चे के रूप में मनुष्य जब धरती पर जन्म लेता है तो उसे पिछले जन्म का कुछ भी याद नहीं रहता है। हमारे दिमाग में हमेशा यह बात आती है कि आखिर हमें अपना पिछला जन्म क्यों याद नही आता अगर आपके दिमाग में यह बात आती है तो हम आपको बताते हैं। 

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इस बारे में हमारी शास्त्र और वैज्ञानिक क्या कहते हैं। आज हम आपको बताएंगे। ऐसे कौन से कारण होते हैं। जो इनके  वजह से हमें पूर्व जन्म की बातें याद नहीं रहती हैं लेकिन हा पोस्ट  शुरू करने से पहले हम आपको यह बताएंगे कि आखिर क्यों होता है पुनर्जन्म 

दोस्तो परमात्मा ने कहा है कि हर जीव का पिछला जन्म भी होता है। हमारे जन्म दर जन्म संस्कार कर्म परिचय, स्वभाव सब बदल जाते हैं। हर जन्म में हमारा रोल भी अलग होता है। एक जन्म दूसरे जन्म से नहीं मिलता। दोनों जन में आप एकदम अलग होंगे। आत्मा वही है लेकिन रोल पद स्वभाव संस्कार सब कुछ अलग होते हैं

इंसान को पूर्ण जन्म किस लिए होता है

 वह 8 कारणों जिनसे लेती है। आत्मा पुनर्जन्म

 नंबर 1

  •  भगवान की आज्ञा से भगवान किसी विशेष कार्य के लिए महात्माओं और दिव्य पुरुषों की आत्माओं को पुनः जन्म देने की आज्ञा देते हैं।

 नंबर 2

  • पूर्णत समाप्त हो जाने पर संसार में किए गए पुण्य कर्म के प्रभाव से व्यक्ति की आत्मा स्वर्ग में सुख होती है और जब तक पुण्य कर्मों का प्रभाव रहता है वह आत्मा दैवीय सुख प्राप्त। करती है जब पुन्य कर्मों का प्रभाव खत्म होता है तो उसे पुनः जन्म लेना होता है।

 नंबर 3

  •  पूर्ण फल भोगने के लिए कभी-कभी किसी व्यक्ति द्वारा अत्याधिक पूर्ण कर्म किए जाते हैं और उसकी मृत्यु हो जाती है। तब पूर्ण पूर्ण कर्मों का फल भोगने के लिए आत्मा पुनः जन्म लेती है। 

नंबर 4

  • पाप का फल भोगने के लिए पुनर्जन्म होते हैं

नंबर  5 

  • आत्मा किसी से बदला लेने के लिए पुनर जन्म लेती है। यदि किसी व्यक्ति को धोखे से कपट से या अन्य किसी प्रकार की यातना देकर मार दिया जाता है तो वह आत्मा पुनर्जन्म अवश्य लेती है। 

नंबर 6

  • बदला चुकाने के लिए इंसान को पूर्ण जन्म मिलते है

नंबर 7 

  • इंसान को अकाल मृत्यु हो जाने पर पूर्ण जन्म मिलते हैं

 नंबर 8 

  • यापुन साधना को पूर्ण करने के लिए इंसान को पूर्ण जन्म मिलते है 

यह 8 बाते थे जो मारा हुआ आत्मा पूर्ण जन्म लेते हैं

पुनर्जन्म कैसे याद करें?

अब सवाल है कि आखिर क्यों नहीं हमें याद रहती है। पुनर्जन्म की बात है। पूर्व की कई कहानियां पत्र-पत्रिकाओं व अखबारों में प्रकाशित हुए हैं इस विषय पर। कई किताब लिखी गई है  और बहुत ही फिल्में भी बनी गई  है। प्रसिद्ध दार्शनिक सुकरात प्लेटो और पाइथागोरस भी पुनर्जन्म पर विश्वास करते थे। 

दुनिया की लगभग सभी प्राचीन सभ्यताएं पुनर्जन्म में विश्वास करती थी।

नंबर 1 

  •  मृत्यु का भय अगर पिछले जन्म में हमारी मृत्यु किसी दुखद कारण की वजह से हुई है तो नए जन्मे उसको याद रखने पर मनुष्य फिर दुखी हो जाएगा और लगातार उसके दिमाग में पूर्व जन्म की बातें और अपने करीबियों का दुख घूमता रहेगा। इस वजह से हमें पूर्व जन्म की बातें याद नहीं रहती।
 नंबर 2 

  • प्राकृतिक कारण प्रकृति ने मनुष्य का दिमाग भूलने के लिए ही बनाया है। हम अक्सर समय के साथ बीती बातों को भूल जाते हैं। अक्सर जिंदगी में इंसान के साथ बुरी घटनाएं हो जाती हैं, जिन्हें भूलकर नई जिंदगी की शुरुआत करता है।

 नंबर 3

  •  कर्म और आत्मा अगर हम अपने शास्त्रों की बात करें तो हमारे शास्त्रों में भी साफ। आ गया है कि कर्मों से ही उसका अगला जन्म सुधरता है। आत्मा के कर्म इंसान को उसके पिछले जन्म की ओर खींचते हैं। इसलिए अच्छा जन्म जीने वाले के लिए हमेशा यही  बात कही जाती है कि जरूर इसने पिछले जन्म में कुछ अच्छे कर्म किए होंगे।

नंबर 4

  •  किसी विशेष व्यक्ति के कारण हमें पूर्ण जन्म की बात याद नहीं रहता

 नंबर  5 

  • अगार  आप की मौत व पूर्व जन्म में कोई दुखी कारण की वजह से है तो उसके दिमाग में वह हमेशा रहता है जिसके कारण लगातार पूर्व जन्म की बातें और अपनों का दुख घूमता रहेगा।

नंबर 6 

  •  वैज्ञानिकों का मानना है कि पिछले जन्म की बातों को याद ना रख पाने के पीछे का कारण एक केमिकल है जिसका नाम है oxytocin  यह केमिकल गर्भधारण के दौरान ही मां के गर्भ से निकल जाते हैं। अगर मां के गर्भ में यह केमिकल रह जाता है तो उसे अपने पिछले जन्म का सब कुछ याद रहता है।

 कुछ लोगों को अपने पूर्व जन्म का बोध हो जाता है जैसे कि उसका नाम क्या था ? कहां रहता था? उनके माता-पिता आदि कई बार हुआ है, लेकिन बहुत ही कम के देखा जाता है, लेकिन इसमें भी कितनी सच्चाई है, कहा नहीं जा सकता।

दोस्तो  अब तो आप खुद ही जानते होंगे कि आखिर हमे क्यों याद नहीं रहती। पुनर्जन्म की बात है। लेकीन हिंदू धर्म में हमें पुनर्जन्म की बातें याद ना रहे। इसीलिए किसी भी व्यक्तित्व के मृत्यु के समय कपाल क्रिया करते हैं।

 क्या है कपाल क्रिया पूर्व जन्म याद ना रहे। आज इस कारण हिंदू धर्म में कपाल क्रिया करते हैं। साव को मुखाग्नि देखने के करीब आधा घंटे बाद एक बांस में लूटा बांधकर सव के सिर पर भी डाला जाता है जिससे वह पूरा का पूरा सिर्फ जल जाए। माना जाता है कि अगर ऐसा नहीं हुआ है तो अगले जन्म में पिछले जन्म का सब याद रहता है। 

आपको क्या मानना है। इस बारे में हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं और आत्मा का पुनर्जन्म होता है या नहीं होता है। अगार आपको जायदा जनकारी है तो आप कॉमेंट बॉक्स के कॉमेंट कर सकते है

क्या मृत्यु के बाद पुनर्जन्म होता है?

पुनर्जन्म कितने दिन में होता है

?मरने के बाद दोबारा जन्म कब मिलता है

?पुनर्जन्म कितने दिन में होता है?

Har मनुष्य का पुनर्जन्म होता है क्या?।


 

 


 

 


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